Monday, 17 May 2021

It's time to Good bye traditional University campus, You're not bound by geography : IIU

Is an online education equivalent to an on-campus education? In a lot of cases, yes.
In fact, there’s good evidence that online education has some significant advantages to the classroom experience—and some of them may surprise you.
You're not bound by geography
Huge strides in technology have made a college education more accessible than ever. With a computer and Internet access, the entirety of the educational world can be yours as long as you have Internet access, no matter where you live.

That’s hardly an exaggeration when you consider that for the past few years, highly prestigious schools, such as Harvard, MIT, and Stanford, have been offering full, non-credit courses of study online for free through something called MOOCs (which stands for massive open online course). MOOCs generally have the same professors and the same study material you’d get if you were attending the university in-person.

It was probably inevitable that schools would begin wanting to monetize all of the material they were providing online. In 2013, Georgia Tech became the first school to create a MOOC-based degree program. The University of Illinois followed suit two years later. Now, more than 30 brick-and-mortar schools offer MOOC-based degrees, through partnerships with tech-ed companies like Coursera, edX, IIU, and Udacity.

Now the IIU has come and written a new chapter, has shocked the education world, internship based education, corporate training on every subject with international virtual lab, presenting the medium of education by internship, where students can choose more then 1000 of courses. IIU is the first university in the world to teach through this medium, which is a topic of discussion all over the world today.IIU completely adopting MOOCs.

MOOCs are only the tip of the online-learning iceberg. Digital and traditional institutions are also perfecting more-intimate online learning options, with smaller class sizes and more one-to-one professor-to-student interactions. Online degree options abound and if you can't find the offering you want at a local university, you can probably find it at another school.

So whether you’re looking to earn your degree to go nab a 9-to-5, or you’re looking to study the stars with the world’s top astronomers, you can probably find what you’re looking for online, now switch to IIU

International PR and Corporate Relations Department IIU

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Monday, 10 May 2021

2025 तक हॉयर शिक्षा को वैश्विक रूप से मुफ्त बनाने का लक्ष्य :आईआई यूनिवर्सिटी

अन्तराष्ट्रीय शिक्षा नीति को बनाने की कवायद शुरू, 2021 में पेटेंट सम्भव
 दुनिया में कई ऐसी यूनिवर्सिटी है जो बहुत अच्छी शिक्षा देनें के लिए जानी जाती है आपके सुना होगा अधिकतर सिलिब्रिटी के बच्चे विदेश में पढाई करते है कहने का तात्पर्य यह है की हर किसी का सपना होता है की वह विदेश में जाकर पढाई करे.

लेकिन बात यहा पर रूकती है की आपके पास उतने पैसे नही रहते लेकिन आज हम आपके लिए एक ऐसी खबर लाये है जो आपका सपना पूरा कर देगी आप विदेश में पढाई कर सकेंगे वो भी मुफ्त य न के बराबर फीस देकर, हम बात कर रहे हैं वर्चुअल एजुकेशन मॉडल की जो विश्र्व में सर्वप्रथम आई आई यू लेकर आया हैं । जहां सर्टिफिकेट,डिप्लोमा,डिग्री,रिसर्च,इंटर्नशीप मॉडल पर आधारित है जो बिल्कुल मुफ्त की जैसी हैं , दुनिया के कई देशों में ऐसी यूनिवर्सिटीज है जो मुफ्त शिक्षा देती है पर अब आपको किसी देश मे जाकर नही बल्कि आईआईयू के डिजिटल प्लेटफार्म के द्वारा घर बैठे,आफिस में बैठे , किसी भी जगह से आप वर्चुअल क्लास लीजिये विश्व की पहली यूनिवर्सिटी है जो हर देश की शिक्षा पद्दति 195 देशों के स्टूडेंट्स को फ्री में पहुंचाने का कार्य करती है, फ्री शिक्षा का सपना आईआईयू का किन देशों ने आसान बनाया आइये जानते हैं।

जर्मनी: यहाँ का एजुकेशन सिस्टम बहुत ही अच्छा है हर साल यहाँ लाखो की तागद में स्टूडेंट आते है इस देश में हायर एजुकेशन के लिए ना के बराबर फीस ली जाती है और कई कई सरकारी यूनिवर्सिटी तो बिलकुल फ्री एजुकेशन देती है आप पढने के साथ पार्ट टाइम जॉब भी कर सकते है.आई आई यू ने जर्मनी की डिग्री डिप्लोमा व अन्य पाठ्यक्रम वर्चुअल करने में सफलता पाई है।

नॉर्वे-:यह देश एजुकेशन के लिए जाना जाता है यहाँ पर आपको यूजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स बिलकुल फ्री में पढ़ाए जाता है लेकिन उसके लिए आपको यहाँ की भाषा आना जरुरी है यदि भाषा सिख जाते है तो आपको सरलता से एडमिशन मिल सकता है और यदि आप बिना यहाँ की भाषा सीखे पढना चाहते है तो उसके लिए आपको करीब 70 हजार चुकाने होंगे.इस लिए आई आई यू ने फ्री भाषा ज्ञान पाठ्यक्रम शुरू किया जिससे यहां की डिग्री को भी वर्ल्ड वाइड किया जा सके ।

फ़िनलैंड-: यह देश भी इन्ही देशो की तरह ही मुफ्त शिक्षा दे रहा है लेकिन कुछ बदलाव होने के बाद कहा जा रहा है की फ़ीस अब ली जा सकती है लेकिन फ़िलहाल तो यह बिकुल फ्री है अगर आप इंग्लिश में एजुकेशन प्राप्त करंगे तो आपको फ़ीस चुकानी पड़ेगी जिसको यहाँ की भाषा उसकी लिए बिलकुल फ्री है.अतः यहां भी हमारी आई आई यू अपना विशेष रोल निभा रहा है।

स्वीडन-:यदि आप किसी विषय में विदेश जाकर पीएचडी या रिसर्च करना चाहते है है तो यह देश आपके लिए बहुत अच्छा है यहाँ पर कई ऐसी यूनिवर्सिटी जो में पीएचडी करवाती है यदि आपको किसी विषय ज्यादा पीएचडी करनी तो आप यहाँ बिलुकल जा सकते हैं.टीम आई आई यू रिसर्च डेवलपमेन्ट पर कार्यक्रम आयोजित

चेक गणराज्य-: यहाँ पर पढ़ाई के लिए किसी भी तरह की कोई फीस नहीं ली जाती है और यहाँ पर फ्री में केजी से लेकर पीजी तक एजुकेशन मिल सकती है लेकिन उसके लिए आपको यहाँ कि लोकल भाषा आना जरुरी है और अंग्रजी के लिए फ़ीस चुकानी पढेगी.विश्व शिक्षा में क्रांति के रूप में आई आई यू को देखा जा रहा है ।

Sunday, 9 May 2021

युवाओं को आत्मसम्मान से जीना सिखाती है महाराणा प्रताप की जीवनी :पीयूष पण्डित

भारत के महान राजाओं में से एक महाराणा प्रताप के जीवन का काफी प्रभाव है मुझपर यह बातें स्वर्ण भारत परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष महाराणा प्रताप के जन्मदिन पर कही , मेवाड़ के महान हिंदू शासक महाराणा प्रताप की आज की आज जयंती है. उनका जन्म 9 मई 1540 को हुआ था. सोलहवीं शताब्दी के राजपूत शासकों में महाराणा प्रताप ऐसे शासक थे, जो अकबर को लगातार टक्कर देते रहे. आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें....
- महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के कुम्भलगढ़ में 9 मई, 1540 ई. को हुआ था. महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच लड़ा गया हल्दीघाटी का युद्ध काफी चर्चित है. क्योंकि अकबर और महाराणा प्रताप के बीच यह युद्ध महाभारत युद्ध की तरह विनाशकारी सिद्ध हुआ था. आपको बता दें कि यह जंग 18 जून साल 1576 में चार घंटों के लिए चली थी.

- आपको बता दें हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के पास सिर्फ 20000 सैनिक थे और अकबर के पास 85000 सैनिक. इसके बावजूद महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे.

-  बता दें, महाराणा प्रताप का भाले का वजन  81 किलो का था. वही जो उन्होंने छाती पर  कवच पहना था उसका वजन 72 किलो का था. दो तलवारों का वजन मिलाकर 208 किलो था.

- महाराणा प्रताप के पास एक घोड़ा था जो उन्हें सबसे प्रिय था. जिसका नाम चेतक था. बता दें,. उनका घोड़ा चेतक भी काफी बहादुर था.

जानें- क्या है हल्दीघाटी युद्ध

यह मध्यकालीन इतिहास का सबसे चर्चित युद्ध है, जिसमें मेवाड़ के राणा महाराणा प्रताप और मानसिंह के नेतृत्व वाली अकबर की विशाल सेना का आमना-सामना हुआ था.  ये युद्ध 18 जून 1576 में लड़ा गया था.

चार घंटे चला था युद्ध

आज भी इस बात पर लगातार बहस होती रही है कि इस युद्ध में अकबर की जीत हुई या महाराणा प्रताप ने जीत हासिल की? इस मुद्दे को लेकर कई तथ्य और रिसर्च सामने भी आए हैं. कहा जाता है कि लड़ाई में कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकला था. हालांकि आपको बता दें कि यह जंग 18 जून साल 1576 में चार घंटों के लिए चली थी. इस पूरे युद्ध में राजपूतों की सेना मुगलों पर बीस पड़ रही थी और उनकी रणनीति सफल हो रही थी.

मुगलों का हो गया था कब्जा

इस युद्ध के बाद मेवाड़, चित्तौड़, गोगुंडा, कुंभलगढ़ और उदयपुर पर मुगलों का कब्जा हो गया. सारे राजपूत राजा मुगलों के अधीन हो गए और महाराणा को दर-बदर भटकने के लिए छोड़ दिया गया. महाराणा प्रताप हल्दीघाटी के युद्ध में पीछे जरूर हटे थे लेकिन उन्होंने मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके. वे फिर से अपनी शक्ति जुटाने लगे थे ।

Saturday, 8 May 2021

प्रसिद्ध करियर काउंसलर डॉ प्राची गौड़ बनी आईआईयू की कंट्री डायरेक्टर

एक सफल माँ, उद्यमी, कैरियर काउंसलर, शिक्षाविद्, सार्वजनिक वक्ता, कोच, ब्रांड योजनाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, रचनात्मक थिंक टैंक, कलाकार, नेता, कला क्यूरेटर, प्रमाणित पायलट, टैरो कार्ड रीडर और बहुत कुछ। इसके बाद राजस्थान की युवा उद्यमी को अन्तराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी ने कंट्री का डायरेक्टर घोषित किया है जो पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है।
फ्रांस : आईआई यूनिवर्सिटी दुनिया भर के लोगों के लिए एक बेहतर और उज्जवल भविष्य का निर्माण कर रहा है। जिसका उदभव फ्रांस से हुआ और ऑस्ट्रेलिया से प्रतिपादित होते हुए विश्व के सबसे बड़े गणतंत्र यानी भारत को शोध व सतत विकास की ज़िमेदारी मिली । हम दुनिया भर में एक सौ पंचानवे देशों, सात महाद्वीपों और एक सौ पचास से अधिक वर्चुअल सेंटर्स में फैले हुए हैं। आई आई यू के पांच प्रमुख न्यासियों में भारत के युवा ऐक्टिविस्ट का नाम आना राष्ट्रीय गौरव का विषय है एक भारतीय युवा के शिक्षा के डिजिटल मॉडल की प्रशंसा विश्व स्तर पर हो रही है विश्व की पहली वर्चुअल इंटर्नशिप यूनिवर्सिटी स्थापित करने में भारत के होनहर की चर्चा पूरे विश्व मे हो रही है आई आई यू दुनिया भर में हमारे छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता में एकजुट है। साथ में हम अशिक्षा का मुकाबला करने और सभी को शिक्षा प्रदान करने का प्रयास करते हैं, चाहे छात्र किस भी पृष्ठभूमि से आए। हम विश्वास करते हैं और उनके हित के क्षेत्र में एक सुरक्षित और प्रगतिशील वातावरण विकसित करने के लिए साथ ही हम 195 देशों में हर एक छात्र तक पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं। IIU में विभिन्न पाठ्यक्रमों और डॉक्टरेट प्रदान करने के लिए दुनिया भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ टाई-अप है। इसके साथ ही, हम डब्ल्यू ईओ से संबद्ध रखते हैं।

आई आई यू की गुणवत्ता शिक्षण क्षेत्र में अनूठी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के मामले में प्रतिष्ठित है। हमें अपने नवाचार, दृष्टि, रचनात्मक विचारों, अनुसंधान, श्वेत पत्र, प्रकाशन, साथ ही साथ राष्ट्रीय पेटेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कई मान्यताएं मिली हैं। हम विश्व स्तर पर प्रगति कर रहे हैं और हमारी उपस्थिति हमारी शानदार परियोजनाओं के लिए दुनिया भर में पहचानी जा रही है।

हमारी मान्यता के कुछ इस प्रकार हैं ऑनलाइन सीखने के लिए यूरोपीय प्रत्यायन परिषद, उच्च शिक्षा आयोग के मध्य पूर्व परिषद,खाड़ी के उच्च शिक्षा ब्यूरो,यूनाइटेड स्टेट्स ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कंसोर्टियम,ऑनलाइन शिक्षा के लिए प्रत्यायन का यूरोपीय नेटवर्क,ऑस्ट्रेलिया सरकार आईपी ऑस्ट्रेलिया सर्टिफिकेट ऑफ ग्रांट इनोवेशन पेटेंट,विपो प्रूफ के विश्वसनीय डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं 

बेहतरीन उद्देश्य के साथ विश्व की शिक्षा पद्दति को हम बदलने को तैयार कई छात्रों के पास अच्छी और उचित शिक्षा के अवसर की कमी होती है, जब वे कौशल और सीखने-आधारित उपक्रमों का चयन करते हैं। यह उन छात्रों के लिए सही मौका है जो अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं और प्रौद्योगिकी और विज्ञान के क्षेत्र में और साथ ही सामाजिक मानविकी में अनुसंधान करना चाहते हैं। हम न केवल इंटर्नशिप प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, बल्कि उन्हें अपने घरों में कुछ ही शुल्क के साथ अपने डिप्लोमा या व्यावसायिक डिग्री को पूरा करने का सुनहरा मौका देते हैं। यह अवसर छात्रों को अनुभव प्राप्त करने और उनके संबंधित राष्ट्रों से मार्गदर्शन प्राप्त करने की अनुमति देगा। हम मानते हैं कि छात्र परिवहन या किसी अन्य अनावश्यक शुल्क पर अपना पैसा बर्बाद किए बिना विदेश से अपनी डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।

Friday, 7 May 2021

आईआई यूनिवर्सिटी ने बुलाया विश्व का सबसे बड़ा अंतराष्ट्रीय वर्चुअल शैक्षिक सूचना सम्मेलन

तीन दिवसीय कार्यक्रम सौ से अधिक देश होंगे शामिल
195 से अधिक वक्ता होंगे शामिल

आईआईयू सौ नए कंट्री डायरेक्टर की सूची करेगा जारी
365 नए आटोनॉमस कोर्स होंगे शामिल

सात महाद्वीप - अफ्रीका, अंटार्कटिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया / ओशिनिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में आईआईयू की अंतराष्ट्रीय लांचिंग
फ्रांस : आईआईयू दुनिया भर के लोगों के लिए एक बेहतर और उज्जवल भविष्य का निर्माण कर रहा है। जिसका उदभव फ्रांस से हुआ और ऑस्ट्रेलिया से प्रतिपादित होते हुए विश्व के सबसे बड़े गणतंत्र यानी भारत को शोध व सतत विकास की ज़िमेदारी मिली । हम दुनिया भर में एक सौ पंचानवे देशों, सात महाद्वीपों और एक सौ पचास से अधिक वर्चुअल सेंटर्स में फैले हुए हैं। आई आई यू के पांच प्रमुख न्यासियों में भारत के युवा ऐक्टिविस्ट का नाम आना राष्ट्रीय गौरव का विषय है एक भारतीय युवा के शिक्षा के डिजिटल मॉडल की प्रशंसा विश्व स्तर पर हो रही है विश्व की पहली वर्चुअल इंटर्नशिप यूनिवर्सिटी स्थापित करने में भारत के होनहर की चर्चा पूरे विश्व मे हो रही है आई आई यू दुनिया भर में हमारे छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता में एकजुट है। साथ में हम अशिक्षा का मुकाबला करने और सभी को शिक्षा प्रदान करने का प्रयास करते हैं, चाहे छात्र किस भी पृष्ठभूमि से आए। हम विश्वास करते हैं और उनके हित के क्षेत्र में एक सुरक्षित और प्रगतिशील वातावरण विकसित करने के लिए साथ ही हम 195 देशों में हर एक छात्र तक पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं। IIU में विभिन्न पाठ्यक्रमों और डॉक्टरेट प्रदान करने के लिए दुनिया भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ टाई-अप है। इसके साथ ही, हम डब्ल्यू ईओ से संबद्ध रखते हैं।
आई आई यू की गुणवत्ता शिक्षण क्षेत्र में अनूठी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के मामले में प्रतिष्ठित है। हमें अपने नवाचार, दृष्टि, रचनात्मक विचारों, अनुसंधान, श्वेत पत्र, प्रकाशन, साथ ही साथ राष्ट्रीय पेटेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कई मान्यताएं मिली हैं। हम विश्व स्तर पर प्रगति कर रहे हैं और हमारी उपस्थिति हमारी शानदार परियोजनाओं के लिए दुनिया भर में पहचानी जा रही है।

हमारी मान्यता के कुछ इस प्रकार हैं ऑनलाइन सीखने के लिए यूरोपीय प्रत्यायन परिषद, उच्च शिक्षा आयोग के मध्य पूर्व परिषद,खाड़ी के उच्च शिक्षा ब्यूरो,यूनाइटेड स्टेट्स ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कंसोर्टियम,ऑनलाइन शिक्षा के लिए प्रत्यायन का यूरोपीय नेटवर्क,ऑस्ट्रेलिया सरकार आईपी ऑस्ट्रेलिया सर्टिफिकेट ऑफ ग्रांट इनोवेशन पेटेंट,विपो प्रूफ के विश्वसनीय डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं 

बेहतरीन उद्देश्य के साथ विश्व की शिक्षा पद्दति को हम बदलने को तैयार कई छात्रों के पास अच्छी और उचित शिक्षा के अवसर की कमी होती है, जब वे कौशल और सीखने-आधारित उपक्रमों का चयन करते हैं। यह उन छात्रों के लिए सही मौका है जो अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं और प्रौद्योगिकी और विज्ञान के क्षेत्र में और साथ ही सामाजिक मानविकी में अनुसंधान करना चाहते हैं। हम न केवल इंटर्नशिप प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, बल्कि उन्हें अपने घरों में कुछ ही शुल्क के साथ अपने डिप्लोमा या व्यावसायिक डिग्री को पूरा करने का सुनहरा मौका देते हैं। यह अवसर छात्रों को अनुभव प्राप्त करने और उनके संबंधित राष्ट्रों से मार्गदर्शन प्राप्त करने की अनुमति देगा। हम मानते हैं कि छात्र परिवहन या किसी अन्य अनावश्यक शुल्क पर अपना पैसा बर्बाद किए बिना विदेश से अपनी डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।

Monday, 3 May 2021

द मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑन अर्थ 2021 में सम्मानित होंगे अंतराष्ट्रीय व्यक्तित्व

अंतराष्ट्रीय बुक पब्लिशर प्रूडेंस पेन सभी चयनित प्रेरक व्यक्तियों की लाइफ जर्नी को पब्लिश करेगा


द इंन्सपायरिंग पीपल ऑन अर्थ की वेबसाइट पर पब्लिश होगी जीवनी

स्वर्ण भारत परिवार लेकर आ रहा है अंतराष्ट्रीय बुक पब्लिशर प्रूडेंस पेन के साथ द मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ 2021 जहां लिखी जाएगी पृथ्वी के सबसे प्रेरणादायक लोगो की कहानी, आज से अंतराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रेरणादायक लोगो की खोज शुरू हुई है, जिन्होंने अपने कार्यों से आमजनमानस के जीवन मे बहुआयामी बदलाव लाने में मदद की है, सभी चयनित 101 इंफ्लुएंशर्स को द मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ 2021 अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा,और उनकी इंस्पायरिंग सक्सेस स्टोरीज को प्रूडेंस पेन द्वारा पब्लिश किया जाएगा जो अंतराष्ट्रीय बुक सेलिंग प्लेटफार्म अमेजॉन द्वारा वैश्विक स्तर पर लांच की जाएगी। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, आदि द्वीपों से इंस्पायरिंग व्यक्तियों को स्थान दिया जाएगा । 


स्वर्ण भारत परिवार के अध्यक्ष पीयूष पण्डित ने भारतीय सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वो आगे आकर इस वैश्विक कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करें, साथ ही कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए स्वर्ण भारत परिवार ने कई अंतराष्ट्रीय संस्थाओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है, पीस मेकर्स, हुमिनिटेरियन, महिला एंटरप्रेन्योर,हाउस वाइफ,लीडर्स,प्रशाशनिक अधिकारियों सहित सोशल एक्टिविस्ट व एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दे रहे युवाओं,व अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरित करने वाले वरिष्ठजनों को कार्यक्रम में तरजीह देने की बात कही जा रही है ।


कार्यक्रम की एंकरिंग के लिए इजिप्ट देश की ब्रांड एम्बेसडर नाडा नबील और एक एशियन ,व एक अफ्रीकन एंकर के नाम पर विचार चल रहा है। शुरुवाती दो घण्टे इंग्लिश शेशन में सभी चयनित लोगो को पुरस्कृत किया जाएगा व उनके इंस्पायरिंग लाइफ जर्नी को वैश्विक रुप से साझा किया जाएगा

नॉमिनेशन की अंतिम तिथि है 25 मई 2021 बुक पब्लिशिंग डेट 22 जून 2021 ।
नॉमिनेशन के लिए संपर्क करें । 7291813661

Saturday, 24 April 2021

India is a nation made up of panchayats, we need to develop villages more : Peeyush Pandit

National Panchayati Raj Day is on April 24. The day is a great opportunity for leaders/ Social Activist and others to directly interact with the representatives of the Panchayats or village heads from all across the country. On National Panchayati Raj Day or Panchayati Raj Diwas, work done by the Panchayat leaders are recognized and appreciated.
 ''National Panchayati Raj Day 2021 is a unique occasion to recognise and felicitate our Panchayats for their work towards building an Aatmanirbhar Bharat,'' tweeted the Ministry of Panchayati Raj. PM Modi will also address the Panchayati Raj Institutions.

President of Swarna Bharat Parivaar Trust India will also Address Farmer and Village Member of SBP, will Re- launch Kisan Samman Surksha Yojna 2021