Friday, 23 October 2020

स्वर्ण भारत परिवार कम्पेन अगेंस्ट एसिड अटैक की ब्रांड एम्बेसडर बनी उर्मिला देवी

दिल्ली : भारत के सबसे युवा सामाजिक ट्रस्ट स्वर्ण  भारत परिवार ने  नेक्सट जेन अवार्ड्स के साथ मिलकर एसिड अटैक के बारे में जागरूकता फैलाने की पहल शुरू की है। बीते माह वेलेंटाइन डे से शुरू होने वाला यह अभियान अब सालों साल तक चलेगा। चित्रों और सच्ची कहानियों की एक श्रृंखला के माध्यम से, कंपेन अगेंस्ट एसिड अटैक के हैश टैग  लांच किया इस मौके पर यूनाइटेड नेशन सस्टेनेबल डेवलपमेन्ट गोल्स से प्रेरित होकर स्वर्ण भारत ने अपना *ब्रांड एम्बेसडर उर्मिला देवी को घोषित* किया साथ इस अभियान का उद्देश्य यह संदेश फैलाना है कि कोई भी चीज व्यक्ति की भावना और प्यार में उनके विश्वास को नहीं तोड़ सकती है। नेक्स्ट जेन कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस कंपेन के लिए लोगो से दान की अपील की है ।
मीडिया को संबोधित करते हुए, स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट के फाउंडर, पीयूष पण्डित ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों से एसिड अटैक से बची युवतियों के साथ काम करने, उनके साथ काम करने, उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताने पर मैंने जाना कि जीवन के प्रति इन युवतियों का उत्साह और आशा बरकरार थी। मैं यह जानने के लिए उत्सुक था कि वे इतनी ताकत कहां से प्राप्त करती हैं और जो चीज उन सभी की कहानियों में कॉमन दिखाई दी, वह है उनके जीवन में विभिन्न लोगों से उन्हें मिला बिना शर्त प्यार। मैं इन अद्भुत कहानियों को साझा करने और उनके साहस को सलाम करने के लिए उत्सुक था और तभी इस कंपेन का विचार मन में आया। मेरा मानना है कि हमारे समाज में लोगों को स्वीकार करने और उन्हें देखने को लेकर सोच में बड़ा बदलाव लाने की जरूरत है और हम सभी के लिए उन्हें गले लगाना और यह एहसास दिलाना जरूरी है कि सुंदरता सिर्फ त्वचा की गहराई तक नहीं होती है। कंपनी नेक्स्ट जेन  के साथ हमारे अनूठे सहयोग के माध्यम से यह संभव हो सका। यह सहयोग इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे प्यार सब कुछ जीत सकता है और यह कि सुंदर शब्द सिर्फ एक सुंदर चेहरे और संपूर्ण शरीर से बहुत बढ़कर है। हमें कंपनी के साथ जुड़ने और उसके प्रयासों का हिस्सा बनने पर बेहद खुशी और गर्व है।'

Wednesday, 21 October 2020

सेवानीति मध्यप्रदेश स्वर्ण भारत परिवार

स्वर्ण भारत परिवार द्वार अनाथ वह गरीब निर्धन बच्चों को रहने खाने पहनने व शिक्षा की व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है शिक्षण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्वर्ण भारत परिवार द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है इस समाज सेवा कार्य मैं स्वर्ण भारत परिवार के पदाधिकारियों सहित रेलवे के स्पेशल मजिस्ट्रेट प्रकाश सिंह उईके सहित मध्य प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण की सेक्रेटरी श्रीमती गिरिबाला सिंह जी को मोमेंटो द्वारा सम्मानित किया गया पुष्पा द्विवेदी, सहित जय जिनेंद्र समिति के   मयूर संघवी  सोशल वर्कर  गौतम बोथरा, प्रीति सिंह सदस्य गण की उपस्थिति में बच्चों ने पेंटिंग बनाकर अतिथियों को गिफ्ट किया यही नहीं बच्चों द्वारा ग्रहण की जा रही प्राप्त शिक्षा से संबंधित अतिथियो को बच्चों ने जानकारी भी दी।

इस दौरान अतिथियों द्वारा बच्चों को वस्त्र फल सहित अन्य सामग्रियां वितरित की गई।

स्वर्ण भारत , स्वर्ण भारत है।
हर दर्द में,हर जख्म में मरहम की है तरह ।।
यहाँ मान है सम्मान है , हर वक्त हम तैयार हैं।

सेवानीति परमो धर्म

Monday, 19 October 2020

गोल्डन बुक ऑफ अर्थ का अंतराष्ट्रीय स्तर पर भव्य विमोचन

20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों सहित पृथ्वी के 101 मोस्ट इंस्पायरिंग लोगों की जीवनी हुई प्रकाशित

स्वर्ण भारत  परिवार व प्रूडेंट पेन्स के संयुक्त तत्वावधान मे हुआ आयोजन
स्वर्ण भारत ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि क्यो स्वर्ण भारत परिवार को  देश दुनिया मे सबसे नवीन कार्य करने के लिए जाना जाता रहा है, स्वर्ण भारत परिवार ग्लोबल ने प्रूडेंट पेन्स के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्डन बुक ऑफ अर्थ का भव्य विमोचन किया। जिसमे अमेरिका,भारत ऑस्ट्रलिया, रूस, इंगलैंड, घाना, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों सहित वैश्विक स्तर के 81 ऐसे लोग, जिन्हीने विषम परिस्थितियो से लड़कर खुद को साबित किया है, उन महान व्यक्तियों की जीवनी को गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ में शामिल किया गया है, इस तरह ये 101 लोग पृथ्वी क सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले लोग बन जाते हैं यानि की मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ द अर्थ । ज्ञात हो की मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ वैबसाइट का विमोचन स्वर्ण भारत परिवार द्वारा पहले ही किया जा चुका है।

पुस्तक के बारे मे मीडिया को संबोधित करते हुए स्वर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पीयूष पंडित ने बताया के इस बुक में विषम परिस्थियों मे प्रेरणादायक  कार्य करने वाले लोगो की कहानियाँ हैं  जो आपको झकझोर देंगी और सोचने को मजबूर कर देंगी के क्या वाकई मे आप अपने इंसान होने का फर्ज़ निभा रहे है या नहीं, आपके धरती पर जन्म लेने के उद्देश्य को पूर्ण करती नज़र आ रही है "गोल्डेन बुक ऑफ द वर्ल्ड"। साथ ही इस पुस्तक की खासियत ये है के इसमे करीब 20 देशों के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की जीवनगाथा को स्थान मिला है जिसमे ऑस्ट्रलिया, अमेरिका,रूस, इंगलैंड, घाना, इंडोनेशिया,सहित अन्य कई देशों के प्रमुखों की जीवन गाथा को लिखा गया है ,भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अनूठी आत्मकथा को नए तरीके से पेश करती है गोल्डन बुक । साथ ही इस मे भारत सरकार के कुछ मंत्रियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, पीयूष पण्डित ने कहा कि बहुत से अनूठे उदाहरण पेश करने वाले आम व्यक्तियों को उनके द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयोगों जिससे मानवता का विकास व आम नागरिकों के जीवन मे बदलाव आया है उसे चित्रित किया गया है। ऑनलाइन लॉंच करने के साथ ही बुक जल्द ही इंटरनेशनल बुक सेलर अमेज़ॉन की वेबसाइट पर किंडल वर्जन के साथ प्रिंट वर्जन में जारी की जाएगी । वेब साइट मॉडल को तैयार कर रही कंपनी जेम्स इंफोटेक ने बताया की द इंस्पारिग पीपल डॉट कॉम की वेबसाइट पर सभी चयनित विशेषज्ञों की जीवनी जारी करने के लिए युद्घस्तर पर कार्य चल रहा है ।

गोल्डन बुक ऑफ अर्थ का विमोचन ज़ूम एप के माध्यम से किया गया , ऑनलाइन किए गए इस कार्यक्रम के दौरान शामिल किए गए व्यक्तियों ने अपनी प्रेरक कहानियो को अपने शब्दो मे सुनाया और बताया के किस तरह उन्होने कभी खुद , से कभी परिवार से , कभी समाज से तो कभी परिस्थितियो से लड़ते हुए अपने आप को साबित किया तथा अपने नाम देश विदेश मे स्थापित किया । स्वर्ण भारत परिवार के अथक प्रयास से अन्तराष्ट्रीय बुक एजेंसी द्वारा भारतीय मूल के विशेष व्यक्तियों की जीवनी लिखने व ग्लोबल बुक ऑफ द अर्थ में शामिल करने मे सफल रहा है । प्रूडेंट पेन्स ने बहुत ही कलात्मक अंदाज मे सभी की जीवनियों को शब्दो मे पिरोया है। समारोह के प्रारम्भ ने मे पीयूष पण्डित के अध्यात्म गुरुजी श्री आनंद गिरि जी महाराज ने स्वर्ण भारत के  के कार्यो की सराहना की और अपना आशीर्वाद संस्था को प्रदान किया, स्वामी श्री दण्डी जी महाराज ने विडियो के माध्यम से कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की । पानबाई इंटर नॅशनल स्कूल मुंबई की प्रिंसिपल प्रतिभा मिश्रा ने वेबिनार को मूर्तरूप देने मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा की । दिशा फ़ाउंडेशन की चेयरपर्सन वंदना शुक्ला ने हमेशा की तरह स्वर्ण भारत के कार्यों की सराहना की और भविष्य मे साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। स्वर्ण भारत ग्लोबल की पीस एम्बेस्डर थेरेसा एग्यमंग ने वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले प्रयासो की चर्चा की। नारायणपुर कृषि विश्वविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर की डीन रत्ना नशिने , राधा वाल्मीकि एवं रेणुका यादव ने स्वर्ण भारत एवं पीयूष पंडित के कार्यो की भूरी भूरी प्रशंसा की।
कार्यक्रम के दौराम स्पीकर  MSME चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमेन इंद्रजीत घोष जी ने युवाओ के लिए रोजगार के विस्तृत अवसरो पर चर्चा करी, जितेंद्र मणि त्रिपाठी जी ने वैदिक काल के स्वर्णिम युग एवं वर्तमान मे वैदिक संस्कृति को अपनाने की आवश्यक्ता पर ज़ोर दिया, साथ ही युवाओ को जुर्म से दूर रहने के लिए चेताया। पूर्व सेशन जज उदय चंद बारूपल जी ने विश्व शांति का संदेश दिया और युवा कौशल पर अपने विचार व्यक्त किए । कौन बनेगा करोड़पति विनर एवं अंतर्राष्ट्रीय पैरा एथलीट शताब्दी अवस्थी ने अपने जीवन संघर्ष के बारे मे बताते हुए मानसिक तनाव को किस तरह दूर किया जाए इस पर अपने विचारो को व्यक्त किया। यास्मिन बेग़म ने शिक्षा की आवश्यकता पर ज़ोर दिया तथा बताया की शिक्षा के माध्यम से समाज से कई बुराइया दूर की जा सकती हैं। कंचन शर्मा ने समाज मे दिब्यअंगो की स्थिति एव उनके उत्थान के लिए किए जाने वाले कार्यो की चर्चा की । कार्यक्रम के दौरान संस्था की कीनोट स्पीकर डा. मोनिका कौशल ने दुबई से महिलाओ एवं बच्चो के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओ पर चर्चा की, डा .क्रुति वजीर जो की एक सफल आंतप्रेनयोर हैं ने वर्तमान कोरोना महामारी के समय व्यवसाय  के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए,पूनम खंगारोत जी ने राजस्थान मे महिला उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यो पर चर्चा की, विश्वनाथ पाणिग्रही जी ने वर्तमान समाज मे वृद्धो की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्हे एक सम्मान पूर्वक जीवन देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। एजीप्ट से नाड़ा नाबिल ने बताया कि किस तरह स्वर्ण भारत एजीप्ट मे अपने आप को स्थापित कर निरंतर आगे बढ़ रहा है, ओस्ट्रेलिया से स्वर्ण भारत के प्रतिनिधि वेद तिवारी ने ऑस्ट्रेलिया मे स्वर्ण भारत द्वारा किए जा रहे कार्यो कि विस्तार से चर्चा की । प्रूडेंट पेन्स की संस्थापक प्रूडेंस ओन्नाह ने गोल्डेन बुक को जारी करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया की किस तरह से लोगों की प्रेरणादायक कहानियो ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है साथ ही उन्होने जाना कि किस तरह भारत के लोग समस्याओ का सामना मजबूती से करते हैं। स्वर्ण भारत परिवार ग्लोबल की ट्रस्टी श्रीमति रोशनी लाल जी ने स्वर्ण भारत परिवार के विश्वव्यापी वर्तमान और आगामी कार्यक्रमों कि रूपरेखा को सभी के सामने विस्तार पूर्वक रखा, स्वर्ण भारत (महिला) कि अध्यक्षा अंजु पंडित ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को आगे लेकर जाना वर्तमान समय मे बहुत जरूरी है, पूनम मदान ने लड़कियो के साथ हो रही छेड़छाड़ को रोकने के लिए लड़को को सही तरीके से शिक्षित करने और लड़कियों को आत्मनिर्भर और सशक्त होने पर ज़ोर दिया। एक सफल आंतप्रेनयोर होने के नाते दीपा माथुर ने व्यवसाय मे महिलाओ कि कमजोर स्थिति के बारे मे बताया साथ ही उन माध्यमों से अवगत कराया जिनके द्वारा महिलाये व्यवसाय के क्षेत्र मे भी अपना नाम कमा सकती हैं।डॉ वंशीधर तातेर ने अपनी ओजस्वी कविता के जरिये स्वर्ण भारत को सुभाशीर्वाद दिया।ऐंकरिंग कर रही टीम में अनिकेत भोषाल, रश्मि , स्वाति की प्रशंशा करते हुए पीयूष पण्डित ने उनको धन्यवाद दिया । कार्यक्रम के समापन में वोट ऑफ थैंक्स इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल प्रतिभा मिश्रा ने कार्यक्रम में भागीदारी करने वाले सभी व्यक्तियों को धन्यवाद किया।


Saturday, 17 October 2020

न्यायविद बारुपाल पूर्व न्यायाधीश और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ माल्या "गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ" मे नामित

वैश्विक स्तर पर 101 महान व्यक्तियों की जीवन शैली को मूर्तरूप देनें में लगा है "अन्तरराष्ट्रीय बुक एजेंसी प्रूडेन्ड पेन" जिसको दस देशों के लेखक लिखने में लगें है। भारत के विशेष कर्मयोगियों की गौरवशाली गाथा को विश्व स्तरीय लांचिग में स्वर्ण भारत परिवार, उदयकौशल फाउंडेशन और दिशा फाउन्डेशन पूर्ण मनोयोग से प्रयासरत है।
        "द मोस्ट इन्सपायरिग पीपल ऑफ अर्थ "  में न्यायविद उदयचन्द बारुपाल पूर्व न्यायाधीश एवं संस्थापक एव राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयकौशल फाउंडेशन एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. दौलतराम माल्या समर्पन संस्था नामित हुऐ हैं।
               डॉ. दौलतराम माल्या
       उदयचन्द बारुपाल पूर्व न्यायाधीश 
उदयचन्द बारुपाल         पूर्व न्यायधीश बारुपाल को अन्तराष्ट्रीय बोर्ड कमेटी का सदस्य भी नामित किया गया है।
        बारुपाल व डॉ माल्या ने  सन्घर्ष कर जीवन में यह मुकाम हासिल किया हैं।

Friday, 16 October 2020

गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ को विकिपिडिया की तर्ज पर किया जाएगा विकसित : स्वर्ण भारत

स्वर्ण भारत परिवार ग्लोबल ने खरीदा गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ का पेटेंट

 "गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ" में शामिल किये जायेंगे अंतराष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड,बायोग्राफी ,और व्यक्तिगत खोज, रिकार्ड्स को भी शामिल किया जाएगा, रिसर्च करने वाले अपने रिसर्च पेपर भी पब्लिश कर सकते हैं,
पृथ्वी की स्वर्ण पुस्तक आपको अपने काम को जल्दी से साझा करने, समुदाय से प्रतिक्रिया प्राप्त करने और एक पत्रिका में समीक्षा से पहले अपनी पांडुलिपि में बदलाव करना शुरू करने देती है। आप अपने क्षेत्र की सफलताओं के बारे में भी जान सकते हैं और नई खोजों पर टिप्पणी कर सकते हैं।
अपने शोध को जल्दी साझा करें और समुदाय से प्रतिक्रिया प्राप्त करें
नवीनतम शोध पर पहुंचें और उभरते विज्ञान पर टिप्पणी करें।

ग्लोबल बुक ऑफ द अर्थ का मिशन स्टेटमेंट जारी:

सभी राष्ट्रीय और विश्व रिकॉर्ड बनाएं, संकलित करें, व्यवस्थित करें और संपादित करें
विश्व में रहने वाले सभी लोगों और विदेशों में रहने वाले भारतीय लोगों के लिए राष्ट्रीय और विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के अवसरों को बढ़ावा देना
मानवीय उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करें और सभी को अपने सर्वश्रेष्ठ के लिए प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करें इन्ही लक्ष्यों के साथ स्वर्ण भारत परिवार ने गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ पर अपना सम्पूर्ण दावेदारी हांसिल की , पीयूष पण्डित ने स्वर्ण भारत के साथ धरती की स्वर्ण पुस्तक जुड़ने से हम उत्साहित हैं। आइये नज़र डालें स्वर्ण भारत की आंतरिक कार्यशैली पर ।

स्वर्ण भारत ग्लोबल विश्व स्तर पर प्रसिद्ध संगठनों में से एक है जो दुनिया भर के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास में काम करता है। अपने परोपकारी स्वभाव के कारण,स्वर्ण भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण के संरक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, मानव अधिकारों, स्वरोजगार और युवा प्रेरणा के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, स्वर्ण भारत को अंतरराष्ट्रीय कैलिबर के साथ गुणवत्ता कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निकायों से बहुत प्रामाणिक मान्यता प्राप्त है। कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के पीछे का मकसद कंप्यूटर शिक्षा के अग्रिम तकनीकी पहलुओं में देश और विदेश के युवाओं को प्रेरित करना है। स्वर्ण भारत समानता के दर्शन और सेवानीति के माध्यम से दुनिया की प्रतिभा को बढ़ाने के अवसरों का अनुसरण करता है। जैसे-जैसे हम बढ़ते और पैमाने पर सफलताओं में पूर्ण दृश्यता प्रदान करते हैं, और कभी-कभी विफलताओं पर गर्व करते हैं। यह हमारी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है क्योंकि हम कार्यों में एक समान लक्ष्य की ओर सहयोग करते हैं और काम करते हैं। हमें विश्वास है कि स्वर्ण भारत परिवार से जुड़े हर व्यक्ति सम्मान प्राप्त करता है, और यही कारण है कि सीखना और विकास हमारे लिए एक महत्वपूर्ण है। यह कर्मचारियों को काम के माहौल में सशक्त बनाता है जो अनुकूल है। हम विनम्रता के आधार पर आगे बढ़ते हैं और महत्वाकांक्षा से प्रेरित होते हैं। यह लगातार हमारे सर्वश्रेष्ठ होने पर जोर देता है, समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है, और हर दिन हमारी प्रतिभा, जुनून और कड़ी मेहनत के माध्यम से एक प्रभाव बनाने के लिए प्रेरित होता है।स्वर्ण भारत बेजोड़ दृष्टि, नवाचार और निष्पादन का अनुसरण करता है।आगामी वर्ष में विश्व के 195 देशों में सेवानीति का परचम लहराने के लिए हम वचनवद्ध हैं, हम नवाचार, तेज,और विनम्रता के वाहक हैं,ज्ञान सम्मान सुरक्षा एकता,हमारे स्तम्भ हैं,हम विज्ञानवाद और अध्यात्मवाद की अनूठी कड़ी हैं, हम वैश्विक हैं,हम निर्विरोध हैं,हम स्वर्ण भारत परिवार हैं,

Wednesday, 14 October 2020

प्रूडेंट पेन्स और स्वर्ण भारत परिवार का संयुक्त संग्रह- विश्व की 101 प्रेरक आत्मकथाएं

"गोल्डन बुक ऑफ अर्थ" में शामिल हुए अंतराष्ट्रीय प्रेरक व्यक्तित्व

निर्धारित अवधि के एक दिन पूर्व 101 व्यक्तियों की सूची हुई पूरी

स्वर्ण भारत परिवार की व्यक्तित्व रिसर्च एवं डेवलपमेंट कौंसिल ने 50 भारतीयों की आत्मकथाएँ संग्रह कर इंटरनेशनल बुक पब्लिशिंग हाउस प्रूडेंट पेन्स को प्रेषित की प्रूडेंट पेन्स की राइटिंग कॉउन्सिल ने सभी भारतीयों की आत्मकथा को विश्वस्तरीय बनाने में जुट गई है, आने वाली 18 अक्टूबर को वर्चुवल वेबिनार ज़ूम एप्प से गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ का विमोचन किया जाएगा, वैश्विक चेंजमेकर की गौरवशाली गाथा, भारत के विशेष कर्म योगियों की कहानी को ग्लोबल लांचिंग करने के लिए स्वर्ण भारत परिवार ने अपने सहयोगियों संग शुरू की तैयारी , उदय कौशल फॉउंडेशन, दिशा फॉउंडेशन ने भारतीयों की आत्मकथाएं प्रस्तुत की हैं ।
 द मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑन अर्थ टाइटल वेबसाइट लांच की जा चुकी है, कहानियों में विषम परिस्थियों  प्रेरणादायक  कार्य करने वाले लोगो की कहानियाँ हैं  जो आपको झकझोर देंगी और सोचने को मजबूर कर देंगी के क्या वाकई मे आप अपने इंसान होने का फर्ज़ निभा रहे है या नहीं, आपके धरती पर जन्म लेने के उद्देश्य को पूर्ण करती नज़र आ रही है "गोल्डेन बुक ऑफ द वर्ल्ड"

भारतीय प्रधानमंत्री की अनूठी आत्मकथा को नए तरीके से पेश की गई है करीब 40 देशों के राष्ट्रपति य प्रधानमंत्री की जीवनगाथा को स्थान मिला है जिसमे ऑस्ट्रलिया, अमेरिका,रूस, इंगलैंड, घाना, इंडोनेशिया,सहित अन्य कई देशों के प्रमुखों की जीवन गाथा को लिखा गया है , भारत सरकार के कुछ मंत्रियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, पीयूष पण्डित ने कहा कि बहुत से अनूठे उदाहरण पेश करने वाले आम व्यक्तियों को उनके द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयोगों जिससे मानवता का विकास व आम नागरिकों के जीवन मे बदलाव आया है उसे चित्रित किया गया है । बुक जल्द ही इंटरनेशनल बुक सेलर अमेज़ॉन की वेबसाइट पर किंडल वर्जन के साथ प्रिंट वर्जन में जारी की जाएगी । वेब मॉडल तैयार कर रही कंपनी जेम्स इंफोटेक ने द इंस्पारिग पीपल डॉट कॉम की वेबसाइट पर सभी चयनित विशेषज्ञों की जीवनी जारी करने की बात कही है।

गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ में 50 देशों के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के साथ विश्व के 51 विशिष्ट व्यक्तियों की जीवनी शामिल

18 अक्टूबर को ज़ूम एप्प पर होगा वेबिनार , भाग लेंगे अलग अलग देशों के प्रतिनिधि

स्वर्ण भारत परिवार के अथक प्रयास से अन्तराष्ट्रीय बुक एजेंसी को भारतीय मूल के विशेष व्यक्तियों की जीवनी लिखने व ग्लोबल बुक ऑफ द अर्थ में शामिल करने हेतु तैयार करने में सफल रहा है । ग्लोबल बुक ऑफ अर्थ में शामिल किए जाएंगे विशिष्ट व्यक्ति, अंतराष्ट्रीय बुक पब्लिशर प्रूडेंस पेन  लॉंच करने जा रहा है द मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ जहां लिखी जाएगी पृथ्वी के सबसे प्रेरणादायक लोगो की कहानियाँ जो आपके झकझोर देंगी और सोचने को मजबूर कर देंगी के क्या वाकई मे आप अपने इंसान होने का फर्ज़ निभा रहे है या नहीं, आपके धरती पर जन्म लेने के उद्देश्य को पूरा करेगी गोल्डेन बुक ऑफ द वर्ल्ड।  आज से अंतराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रेरणादायक लोगो की खोज शुरू हुई है, जिन्होंने अपने कार्यों से आमजनमानस के जीवन मे बहुआयामी बदलाव लाने में मदद की है, सभी चयनित 101 इंफ्लुएंसर्स को  द मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा,और उनकी इंस्पायरिंग सक्सेस स्टोरीज को प्रूडेंस पेन द्वारा पब्लिश किया जाएगा जो अंतराष्ट्रीय बुक सेलिंग प्लेटफार्म अमेजॉन द्वारा वैश्विक स्तर पर लांच की जाएगी। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, आदि द्वीपों से इंस्पायरिंग व्यक्तियों को स्थान दिया जाएगा , पीस मेकर्स, हुमिनिटेरियन, महिला एंटरप्रेन्योर,हाउस वाइफ,लीडर्स,प्रशासनिक अधिकारियों सहित सोशल एक्टिविस्ट व एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दे रहे युवाओं,व अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरित करने वाले वरिष्ठजनों को कार्यक्रम में तरजीह देने की बात कही जा रही है ।
इस कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही व्यापक रूप से प्रतिक्रियाये आनी शुरू हो गई हैं, केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी एवं मंत्री रवि शंकर प्रसाद जी व सोनू सूद की जीवनी इस गोल्डेन बुक ऑफ द वर्ल्ड के माध्यम से जानने को मिलेगी , स्वर्ण भारत परिवार मीडिया प्रभारी संतोष पांडेय ने कहां कि वैष्विक स्तर पर सर्वे करके करीब 50 देशों के प्रधानमंत्री,व राष्ट्रपतियों को , उनके द्वारा किये जा रहे इस विषम परिस्थियों में भी अद्भुत कार्यों की वजह से गोल्डन बुक ऑफ द अर्थ में जीवनी संकलित की जा रही है।