Sunday, 24 January 2021

शिक्षित लड़कियों से ही भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा : पीयूष पण्डित

शिक्षित लड़कियों से ही भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा :  पीयूष पण्डित

 राष्ट्रीय बालिका दिवस के सुभअवसर पर स्वर्ण भारत परिवार देश की मेधावी ग्यारह बालिकाओं को राष्ट्र पुत्री सम्मान के तहत 11 हज़ार रुपये की छात्रवृत्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है । 

भारत में लड़कियों की साक्षरता दर, उनके साथ भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या एक बड़ा मसला है. साक्षरता दर भी एशिया में सबसे कम है. एक सर्वे के अनुसार, भारत में 42 फीसदी लड़कियों को दिन में एक घंटे से कम समय मोबाइल फोन इस्तेमाल की इजाजत दी जाती है । भारत में लड़कियों की साक्षरता दर, उनके साथ भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या एक बड़ा मसला है. कन्या भ्रूण हत्या की वजह से लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या कम है. साक्षरता दर भी एशिया में सबसे कम है. एक सर्वे के अनुसार, भारत में 42 फीसदी लड़कियों को दिन में एक घंटे से कम समय मोबाइल फोन इस्तेमाल की इजाजत दी जाती है. अधिकांश अभिभावकों को यह लगता है कि मोबाइल फोन 'असुरक्षित' है और ये उनका ध्यान भंग करते हैं.

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार प्रदेश में जन्म के समय लिंगानुपात एक हजार बालक पर 927 बालिका है, 15-49 साल की महिलाओं में शिक्षा का स्तर 59 दशमलव चार (59.4) फीसदी और एनीमिया साढ़े 52 फीसदी है. किशोरावस्था के समय यह जरूरी है कि उनकी जीवन-शैली और सपनों को सही ज्ञान और व्यवहारिक रूप दिया जाए ।

Monday, 18 January 2021

रिपब्लिक इंडिया (भारतीय गणतंत्र)सम्मान 2021 में आवेदन आमंत्रित

Republic India Honour 2021
भारतीय गणतंत्र सम्मान 2021


तीन रंग का वस्त्र नहीं,ये ध्वज देश की शान है।
हर भारतीय के दिल की यही तो स्वाभिमान है।।
 यही गंगा,यही हिमालय यही हिन्द की जान है।
तीन रंगों में रंग हुआ ये अपना हिंदुस्तान है।।

यूनाइटेड नेशन , यूनेस्को, यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के बाद नेशनल इंस्टिट्यूशन फ़ॉर ट्रांसफोर्मिंग ऑफ इंडिया (नीति आयोग भारत सरकार ) के साथ वोलन्ट्री पार्टनशिप* रखने वाले अंतराष्ट्रीय ट्रस्ट , स्वर्ण भारत परिवार अंतराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत विश्व के समक्ष विभिन्न क्षेत्रों में【शिक्षा,सामाजिक,बाल कल्याण,महिला,उत्थान,खेलकूद, फ़िल्म,मीडिया, राजनीति,युवाकल्याण,प्रकृति संरक्षण,वन्यजीव कल्याण व सेवानीति】 के किसी भी प्रकल्प में अपनी सेवा दे रहे राष्ट्र के 101 विशेष व्यक्तियों को 
गणतंत्र दिवस के महान दिवस पर गौरवशाली व्यक्तित्व को सम्मानित करने जा रहा है । 

दिनांक 26 जनवरी 2021

यह प्रेरणा आप के सहयोग साथ, और विश्वास से ही सम्भव हो पाई है । स्वर्ण भारत के इस विशेष आयोजन में आप भी अपना नामांकन के लिए सम्मान आमन्त्रित किये जाते हैं।
 रिपब्लिक इंडिया (भारतीय गणतंत्र)सम्मान2021 को प्राप्त कर सकते हैं ।

Monday, 11 January 2021

स्वर्ण भारत परिवार राष्ट्रीय कम्बल वितरण योजना राजस्थान

https://youtu.be/Y5L0Wz_uJYo

टीम राजस्थान 
‘स्वर्ण भारत परिवार द्वारा कंबल वितरण’

स्वर्ण भारत परिवार द्वारा चल रही राष्ट्रीय कंबल वितरण योजना के तहत राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पूनम खंगारोत व शताब्दी अवस्थी अध्यक्ष दिव्याँग कल्याण बोर्ड द्वारा 10 जनवरी को ज़रूरतमंद लोगों जो भीषण सर्दी की मार झेल रहे हैं ,उनको कंबल वितरित किये गये।सर्दी से ठिठुरते लोगों को कंबल मिलने पर उनके चेहरों पर सुकुन सा देखने को मिला।सर्दी में राहत मिल गई।


कार्यक्रम में पद्म श्री गुलाबो सपेरा जी,समाज सेविका चंचल धीमन जी,राजेश्वरी सिंह आदि मौजुद रहे।

स्वर्ण भारत परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयुष पंडित ने बताया राष्ट्रीय कंबल वितरण योजना 15 दिसम्बर से -31जनवरी तक देश भर ने चलाई जा रही है जिससे अधिक से अधिक व्यक्तियों को इसका लाभ मिल सके।’ठिठुरन में उम्मीदों की रोशनी ‘पहुँचा रहा है स्वर्ण भारत परिवार।स्वर्ण भारत परिवार सेवानीति के कार्यों में सदा बढ़-चढ़कर आगे रहता है। गत 15 दिसम्बर से अब तक क़रीब 5 लाख वस्त्र वितरित किये जा चुके हैं।राजस्थान में दो हिस्सों कंबल वितरण किया जाएगा।

Sunday, 10 January 2021

जिद और जुनून अगर नेक कार्य के लिए हों तो सफलता निश्चित है : स्वर्ण भारत परिवार

कम्बल नही हम खुशियां बांट रहे हैं आप भी शमिल हो हमारे इस पवित्र कार्यक्रम में : पीयूष पण्डित 


मथुरा : स्वर्ण भारत परिवार राष्ट्रीय कम्बल वितरण योजना 2021 के तहत पुनः मथुरा नगरी में कैम्प लगा कर सौ से अधिक परिवार को कम्बल वितरित किया गया, जिसमे पूरा सहयोग दयालु हॉस्पिटल की मुखिया डॉ सीमा मिश्र व जिला अस्पताल सर्जन विकास मिश्र जी ने किया , इस मौके पर हर बार की तरह स्वर्ण भारत परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष पण्डित दिल्ली से टीम सहित उपस्थित हुए, मीडिया से उनके बातचीत के कुछ अंश हम प्रकाशित कर रहे हैं 

प्रश्न : स्वागत है पीयूष जी आपका मथुरा में कैसा लगा आपको यहां आकर
उत्तर : मथुरा और वृंदावन भारत वर्ष का एक पवित्र जिला है यही भगवान कृष्ण का घर यही से हमे प्रेम भक्ति और शक्ति के आचरण का परम ज्ञान प्राप्त होता है ,व्यक्तिगत रूप से मथुरा मुझे बहुत पसंद है  हर गली में मन्दिर और राधे राधे का संगीत मन को बहुत शांति देता है हालांकि कम शब्दों में यहां मथुरा की महत्ता को बोल पाना सम्भव नही बस ये समझिए ,प्रेम और ज्ञान की असीम परम्परा को यहां करीब से जाना देखा और समझा जा सकता है।


प्रश्न : आज पूरे देश मे करीब 22 राज्यों में आपके ट्रस्ट द्वारा राष्ट्रीय कम्बल वितरण योजना चल रही है, यह कैसे संभव हुआ और इसकी प्रेरणा कहाँ से मिली 
उत्तर : कम्बल नही साहब हम खुशियां बाट रहें हैं, जिन जरूरमंद लोगो को कम्बल मिलता है उनके घर मे खुशियां आती हैं,हर नेक कार्य सफल होता है इस सूक्ति से हम आगे बढ़ रहे हैं जो आज हम 22 राज्यों तक पहुंच चुके हैं उम्मीद है अगले वर्ष हम पूरे भारत मे खुशियां बाटते हुए नज़र आएंगे।प्रेरणा कोई विशेष व्यक्ति नही बल्कि मन की पीड़ा है कि देश कितना भी प्रगति क्यों न कर ले पर भारत मे रेलवे स्टेशन हो बस स्टैंड हो या कोई भी गली मुहल्ला आपको ठंड से ठिठुरते हुए बच्चे बुजुर्ग देखने को मिल जाएंगे बस यही पीड़ा राष्ट्रीय कम्बल वितरण योजना में तब्दील हुई और 1 लाख लोगों के चेहरों पर खुशियां हम ला चुके हैं ।


प्रश्न : हर एक सामाजिक कार्य धन की आवश्यकता होती है हर साल इस कार्यक्रम में कितना ख़र्च आता है और कहां से आपको  आर्थिक सहयोग प्राप्त होता है ?

उत्तर : खर्च क्या है सब कृष्ण वासुदेव और राधे रानी की कृपा है सब उन्ही की छत्रछाया में चल रहा है, जब हम निश्वार्थ भाव से किसी भी प्रोजेक्ट में लग जाते हैं तो ईश्वर उसे सफल बनाने में हमारी मदद करता है, आर्थिक अनुदान सरकार से प्राप्त नही है स्वर्ण भारत परिवार में दस लाख से अधिक सदस्य हैं सबसे एक एक कम्बल का आर्थिक सहयोग मांग लेता हूँ और जरूरतमंदों तक पहुंच जाता है, बाकी बहुत से धनकुबेर, सामाजिक चिंतन करने वाले व्यक्ति है जो हमे दान देते रहते हैं और हम खुशियां बाटते हुए आपके मध्य खड़े हैं ।

प्रश्न : स्वर्ण भारत परिवार की सेवानीति के बारे में संक्षिप्त रूप में बताएं 

उत्तर : सेवानीति ही स्वर्ण भारत परिवार का मूलमंत्र और संविधान हैं हर जरूरतमंद तक हमारा पहुंचना संकल्प है , बिना जाति धर्म पूछे जरूरत के अनुसार मदद और ज्ञान, सम्मान, सुरक्षा , एकता का विस्तार अनवरत चलना ही सेवानीति है ।


प्रश्न ; मथुरा जिले के लिए क्या क्या योजनाएं है आपके ट्रस्ट के माध्यम से 

उत्तर : मथुरा कृषि और भक्ति प्रेम के मंदिरों का जिला है , किन्तु यहां भी बेरोजगारी , अशिक्षा,गरीबी,और सुविधाओं की कमी हर गली मुहल्लों में दिखती है इन्हीं को नज़र रखते हुए बच्चो के लिए चिल्ड्रन वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से गरीब बच्चो को निशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य बेहतर हो जरूरतमंद लोगों की हेल्थ बेहतर हो दयालु हॉस्पिटल दिन रात सेवानीति में लगे हैं जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का इलाज मुफ्त होता है, जल्द ही हम बेगर फ्री मथुरा की कल्पना कर रहे हैं जिससे विदेशी शैलानियों के बीच भारत की छवि और बेहतर हो ।


प्रश्न : चिल्ड्रेन वेलफेयर सोसाइटी और दयालु हॉस्पिटल किस तरह से सेवानीति में आपके साथ जुड़ा है 
उत्तर : जैसा मैं ऊपर बता चुका हूं कि हम शिक्षा स्वास्थ्य को लेकर संकल्पित है उसी कड़ी में हॉस्पिटल का विस्तार और स्कूल का विस्तार निश्वार्थ रूप से किया जा रहा है । जहां धन की मांग नही बल्कि सेवा ही हमारी फीस है इस भाव से हम जुड़े हैं , सेवानीति ही वो कड़ी है जो हमे जोड़कर रखती है ।

प्रश्न : युवाओं के लिए आप रोल मॉडल है बहुत से युवा आपसे प्रेरणा लेते हैं उनके लिए क्या संदेश है


उत्तर : मुझे नही लगता कि अभी मैं बहुत लोगो के लिए प्रेरणा हूँ, पर हमारे द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का विस्तार हमारे सेवानीति के कांसेप्ट को कोई भी पूरा करता है तो हमे जरूर गर्व होता है कि हम अपने उद्देश्यों में सफल हो रहे हैं , युवाओं को बस यही संदेश की आपके आस पास भी जरूरतमंद है उनकी मदद करें व औरों से कराएं आप स्वयं अपने रोल मॉडल बने , और जब स्वयं को स्वयं का आदर्श मानना है तो हर दिन स्वयं को स्वयं से बेहतर बनाने की आदत डालें, और मजबूत बनते ही सेवानीति को अपनी हॉबी बना लें देश स्वर्ण भारत बन जायेगा,और आप देश के एक प्रतिश्ठित नागरिक भी ।

प्रश्न : स्वर्ण भारत परिवार की उम्मीदों की रोशनी कार्यक्रम की चर्चा है,  क्या है यह ? क्या उद्देश्य और कौन है प्रेरणा


उत्तर : उम्मीदों की रोशनी का मतलब जरूतमन्द चेहरों पर मुस्कान लाना है उनकी उम्मीदों को पूर्ण करना, उनको शिक्षित बनाना, सफल बनाना, और देश के प्रति उनको जागरूक करना, आज जो वंचित है उन्हें  मुख्य धारा में लाना है, कई सुविधाएं शामिल हैं इसमे जैसे दिव्यांग बच्चो के स्कूल को सहयोग, अनाथ बच्चो को शिक्षा, जरूरतमंदों को हर सम्भव मदद आदि, आगामी 8 अगस्त को हम राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांग बच्चो का एक अनूठा कार्यक्रम करेंगे जिसमे देश के हर राज्य से बच्चे अपने हुनर कौशल और ज्ञान का प्रदर्शन करेंगे जिसमे से 50 बच्चो को रोशनी लाल स्कोलरशिप योजना के तहत आजीवन शिक्षा धन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है । इस कार्यक्रम की प्रेरणा स्वर्ण भारत परिवार की अंतराष्ट्रीय ट्रस्टी आदरणीय रोशनी लाल जी हैं जिन्हीने अपने जीवन की हज़ार दिक्कतों के बाद भी आज एक मुकाम हासिल किया है, हेल्थ चैलेंज हो या मानसिक या फिर आर्थिक इंसान जब ये ठान ले कि अभी जीना है और दूसरों को मदद करना है तो वो निश्चित ही सफल होता है , उन्ही के जीवन पर आधारित यह कार्यक्रम है और हमारी टीम इस कार्यक्रम को अंतराष्ट्रीय और सफल बनाने में अभी से लगी है ।

Sunday, 22 November 2020

स्वर्ण भारत परिवार का बोर्ड उखाड़ने, व बाज़ार के नाम पर अवैध कब्जे की साजिश, ग्रामप्रधान पति की भूमिका संदिग्ध

ब्राह्मण होने की वजह से कई बार पीयूष पण्डित हुए शोषण के शिकार देश मे ब्राह्मण विरोध इस कदर हावी है कि स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट का बोर्ड साजिश के तहत  उखाड़ कर फेंक दिया गया ।साथ ही ट्रस्ट अध्यक्ष पीयूष पण्डित को जान से मारने की धमकी दी गई उसके बाद बाज़ार के नाम पर रोड से जुड़ी हुई स्वर्ण भारत परिवार की जमीन को दीवाल से ढकने का कुकृत्य किया जा रहा है । 
मामले की सम्पूर्ण जानकारी माननीय योगी जी को पोस्टल द्वारा  भेजने के साथ ग्राम सभा मे आये सरकारी मदों की हाई प्रोफाइल जांच करवाने हेतु ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वर्ण पीयूष पण्डित  कल मण्डल के सभी पदाधिकारियों की अहम बैठक होगी । और ब्राह्मण समाज को बदनाम और शोषण करने के कुचक्र पर राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी शुरू होगी जिसकी शुरुवात जल्दी ही कि जाएगी । इस पूरे प्रकरण पर ग्राम प्रधान अलुवामई पति इंद्र देव पटेल का नाम प्रूफ सहित सामने आने की बात ट्रस्ट के पदाधीकारियों ने कही । 

पीयूष पण्डित ने कहा कि बार बार शांति की अपील के बाद भी कुंडा में  ब्राह्मण जाति का शोषण करने की कोशिस की जा रही है, जिसका कानूनी रूप के साथ जवाब देने के साथ ब्राह्मणों को एक होने की बात कही है । साथ ही ग्राम सभा मे हुए समस्त  सरकारी कार्यों की आरटीआई दायर करके जवाब की तैयारी नरेगा में हुए कार्य का विवरण, सरकारी कालोनी आवंटन,खाद्यान्न विभाग की रिपोर्ट कार्ड सहित सरकारी धन में लिप्त भृष्टचार को उजागर करने के लिए पीयूष पण्डित ने कमर कसी ।

Sunday, 8 November 2020

MY EMOTIVE MEMOIR: A LITTLE WHILE AFTER MY SOULMATES UNTIMELY PASSING ON, ANOTHER ADVERSITY STRUCK US WHEN MY MOM 71 WAS DIAGNOSED WITH CANCER

Today on 7th of Nov The International world cancer awareness day’ I remember the cancer battle fought so bravely and gracefully by my mom. My gratitude and acknowledgement of God’s grace can’t be expressed in words. Not only for saving my mother life but also giving her the strength to fight the unexpected or I won’t be too wrong if I say unthought-of ailment.

Pandemic at its peak and our moral rock bottom, treatment for cancer was a tedious uphill trauma. Me and Sirjana ( my younger sister ), we’re with her, shuffling between the corridors and wards of the hospitals, running from pillar to post because of the scarcity of expert medical personnel as well as the resources due to the Scary Covid 19. This time of our life ( for the entire family) is probably the only thing I talk about in public that to with an aim to make everyone aware and to some extent give hope to all those struggling.


One incident that got me into organizing blood donation camps…was when I almost lost my mother due to lack of availability of blood because volunteers were either prohibited or at times scared of visiting hospitals. My prior experience I with many blood donation organisation and me being a member of the Indian Red Cross Society helped me do the same. We all felt helpless when we couldn’t arrange blood for her as her Haemoglobin had dropped to 3-4 and she was to be operated Immediately. Somehow with my past experiences of being a social activist, I arranged 2 blood donation camps in that very hospital. The Doctors have a good cancer network and treated my Mom with the best of their skills, especially the Doctors and the staff of the Onco Dept of the Max hosp and I’sure that they put in the same effort for all their patients. This God forbidden experience gave me an opportunity to interact with a number of patients inwards of the hospital, survivors & caregivers – very inspiring & truly enlightening where I could contribute by counselling the sick companions of my mom. Cancer is the ace of spades of almost all the diseases. Through this tough to handle the situation, I along with few others have started contributing all the more to this noble cause of organising blood donation camps, counselling patients and their attendants along with conducting regular and extensive awareness programs though webinars and other platforms.


I thank all the Doctors who have supported us during this hard time of Covid 19. We wish them all the best for their continued research, work & understanding as we all hope that we will win against one of the deadliest cancers on earth.


Dr Navneet Kour
Global Peace Ambassador
National Human Rights
Social Justice Council
Global

Monday, 2 November 2020

वैश्विक स्तर पर पब्लिक फिगर टाइटल 2020 के अंतर्गत शिक्षा,साहित्य,सामाजिक व अन्य क्षेत्रों के लिए सम्मान समारोह की 11नवम्बर तिथि सुनिश्चित

कोरोना काल में जहाँ सम्पूर्ण विश्व सहित  मानव जीवन को आर्थिक व मानसिक द्वंद में ला खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे व्यक्तित्व भी हैं जो आम जनमानस के अपने कल्याण कार्यों सहित राष्ट्र हित कार्यो से प्रेरणा स्रोत बन जीवन मे एक नई आस जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका में सामने आते रहे हैं।
कुछ इस प्रकार के अनूठे व्यक्तित्व को वैश्विक पटल पर उनके उच्च विचारों को साझा करने व उन्हें सम्मान देने की उद्देश्य से पब्लिक फिगर व नेक्स्ट जेन अवार्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में अवार्ड की घोषणा की।जिसके अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यो हेतु महिला शिक्षक वर्ग में सावित्री ज्योतिराव फुले शिक्षा सम्मान 2020 व  पुरुष शिक्षक वर्ग के अंतर्गत मौलाना अबुल कलाम आज़ाद शिक्षा रत्न सम्मान 2020 देना सुनिश्चित किया गया।
विदित हो सावित्री बाई ज्योतिराव फुले को भारत की पहली महिला शिक्षक के रूप में जाना जाता है वहीं मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को राष्ट्रीय शिक्षा नीति का संस्थापक माना जाता है। स्वतन्त्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का जन्म १८१८ में हुआ था। अतः उनके जन्मदिन पर प्रत्येक वर्ष ११नवम्बर को भारत में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वही दूसरी ओर साहित्य जगत
में नई दिशा व नई सोच को जाग्रत करने वाले साहित्यकारों लेखकों को भारतेन्दु हरिश्चंद्र राष्ट्रीय साहित्य सम्मान 2020 से सम्मानित किया जाएगा। सामाजिक जागरूकता अभियान के अन्तर्गत कुरीतियों को मिटाकर अपने म्रदु स्वभाव व सकारात्मक सोच से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है जिसके लिए उन्हें लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय सम्मान २0२0 देने का निश्चय किया गया है।
इसके साथ ही खेल,मीडिया,मनोरंजन आदि क्षेत्रों में अपनी मिसाल कायम करने वाले भारतीय व गैर भारतीय महानुभवों को पब्लिक फिगर २०२० सम्मान  से अलंकृत किया जाएगा।

समस्त कार्यक्रम चेरिटेबल होगा जिसमें देश-विदेश के स्पीकर वक्ता अपनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार रखेंगे।
वैश्विक स्तर पर शिक्षा में समानता व संभावना हेतु प्रयासों के  विभिन्न पहलुओं पर विमर्श करने का प्रस्ताव है।

सम्पूर्ण कार्यक्रम ११नवम्बर को मध्यान्ह 1 बजे से 4 बजे तक ज़ूम एप्प द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रॉडकास्ट किया जाएगा।
समारोह द्वारा एकत्रित दान की समस्त धनराशि को हेल्प इंडिया हेल्प फाउंडेशन व स्वर्ण भारत परिवार की सेवा नीति परियोजना को सौंपा जाएगा।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराने वाली एकमात्र संस्था स्वर्ण भारत परिवार राष्ट्र हित हेतु अपनी कर्मठता से आधुनिक भारत के प्रत्येक वर्ग के हित के लिए  प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सकारात्मक सोच के साथ निरन्तर अग्रसर है